सबसे ज़्यादा रात के 8 बजे काटते हैं सांप

सबसे ज़्यादा रात के 8 बजे काटते हैं सांप; चौंका देंगे सांप से जुड़े कुछ फैक्टस.


सबसे ज़्यादा रात के 8 बजे काटते हैं सांप; चौंका देंगे सांप से जुड़े कुछ फैक्टस.

सांप काटने से मरने बालों में 30 फीसदी की उम्र 3 से 17 साल के बीच होती है. इन तीनों घटों में काटते हैं सांप सांप काटने के लगभग 40 फीसदी मामले साम को 5 बजे से आठ बजे के बीच होते हैं. इनमें 7 मे 8 बजे के बीच सबसे ज्यादा मामले होते हैं, क्योंकि इस वक्त सांप और इंसान दोनों काफी मक्रिय होते हैं.

इंसानों का हितैषी है सांप

सांप एक जंगली जीव है, जो पर्यावरण और आहार श्रंख्ला में संतुलन बनाने के लिए बेहद जरूरी है.

भारत में कुछ लोग इसे नाग देवता मानकर पूजते भी हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत में सांपों को लेकर बेहद कम जानकारी और जागरुकता है.

सिर्फ तीन सांप है विषैला

दुनिया में 3500 से ज्यादा तरह के सांप पाए जाते हैं, जिनमें 600 सांप विषैले हैं.

उनमें सिर्फ 200 सांप ही जान ले सकते हैं.

भारत में करैत, कोबरा, रसेल वाइपर और अफई को छोड़कर सभी विषहीन सांप हैं.

आत्मरक्षा में काटता है सांप

सांप एक निशाचर प्राणी है.

इंसान से इसकी कोई दुश्मनी नहीं होती है, लेकिन ये इंसान को अपना शिकार समझने की गलतफहमी या फिर उससे आत्मरक्षा में काट लेता है.

सांप काटने के 54 लाख मामले

दुनिया में अगर जंगली जानवरों में सबसे ज्यादा किसी ने इंसानों की जान ली है, तो वह सांप है.

दुनिया में हर साल सांप काटने के 54 लाख मामले आते हैं, जिसमें आधें सांप जहरीले होते हैं.

60 हजार की मौत

दुनिया में हर साल 1.25 लाख लोग सांप काटने से मरते हैं, जिसमें अकेले 60 हजार केस भारत में होते हैं.

इससे तिगुने लोग अपंग भी हो जाते हैं.

95 फीसदी सर्पदंश गांवों में

भारत में सांप काटने के 95 फीसदी मामले गांवों में होते हैं.

सर्पदंश के 67 प्रतिशत मामले पांव की उंगलियों में होते हैं.

सांप काटने से मरने वालों में 30 फीसदी की उम्र 3 से 17 साल के बीच होती है.

इन तीनों घटों में काटते हैं सांप

सांप काटने के लगभग 40 फीसदी मामले शाम को 5 बजे से आठ बजे के बीच होते हैं.

इनमें 7 से 8 बजे के बीच सबसे ज्यादा मामले होते हैं, क्योंकि इस वक्त सांप और इंसान दोनों काफी सक्रिय होते हैं.

नींद में भी काटता है सांप

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, भारत में सांप काटने के 10 प्रतिशत मामले ऐसे होते हैं, जब नींद में सो रहे इंसान को सांप काट लेता है.

भारत का अकेला करैत ऐसा सांप है, जो ये काम करता है.

घरों में काटते हैं सांप

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, भारत में सांप काटने के 60 फीसदी मामले घरों में होते हैं.

इसमें करैत के काटने के 99 फीसदी केस घरों में होते हैं.

काटते हुए नहीं दिखते हैं सांप

सांप काटने के 20 प्रतिशत मामलों में सांप काटते हुए नहीं दिखता है.

सिर्फ लक्षणों के आधार पर सर्पदंश की पहचान की जाती है.

सांपों का फॉल्स बाइट

विषैले और विषहीन सभी सांप फॉल्स बाइट भी करते हैं.

इसका मतलब होता है कि वह काटने पर विष नहीं छोड़ते हैं, सिर्फ दांत से प्रहार कर दुश्मन या शिकार को धमकी देते हैं.

काम न आए जड़ी-बूटी और झाड़फूक

दुनिया में कोई ऐसी जड़ी-बूटी, या झाड़फूक नहीं है, जो विषैले सांपों के काटे हुए इंसान को बचा दे.

इसका एकमात्र इलाज एंटी विनम होता है, जो देशभर के सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलता है.

झाड़-फूक से वही बचा है, जिसे विषहीन सांपों ने काटा हो या विषैले सांपों ने उसे फॉल्स बाइट किया हो.

दूध नहीं पीता है सांप

सांप न दूध पीता है, न उसके पास कोई मणी होती है.

न ही कोई सांप इच्छाधारी होता है.

वह बीन की धुन पर नाचता भी नहीं है.

लेकिन काले कपड़े से उसे चिढ़ जरूर होती है.

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